मंगलवार, 16 मार्च 2010

वाणी के भाव में उच्च का वक्री शनि और मंगल और शुक्र की पूर्ण दृष्टि की उर्जा रेखाए

अमितेश्वर जी की कुंडली उनके आग्रह पर ज्योतिष के उर्जा सिद्धांत के आधार पर अध्ययन के लिए उपलब्ध है.तो आज कुछ दुर्लभ उर्जा रेखाओं की बात करते है.अमितेश्वर जी का जन्म पटना में शाम ६ बजकर सत्तावन मिनट पर २९ मार्च १९८३ को हुआ था.
पहले व्यक्तिगत बात करते है.बुध की राशी में लग्न में चन्द्रमा और उसपर बुध और सूर्य की पूर्ण दृष्टि आपकी गेहुएं वर्ण और आकर्षक व्यक्तित्व का स्वामी बनता है.आप का प्रथम प्रभाव मिलने वाले पर अमिट छाप छोड़ता है.वाणी के भाव में उच्च का वक्री शनि और मंगल और शुक्र की पूर्ण दृष्टि गजब की उर्जा रेखाए है.आपकी आत्मविश्वास से पूर्ण बातों से हर कोई प्रभावित हो जाएगा.
आप अपने माता पिता की पहली संतान होने की ज्यादा सम्भावना है.आपके छोटे भाई होंगे.
चौथे और दसवें घर में केतु और राहू होने और चौथे धर पर शनि की दृष्टि होने से आपके माता से दूर रहने अथवा मत विभेद होने का योग.मंगल शुक्र की युति आपको विपरीत लिंगी आकर्षण में उलझ कर चिंता उत्पन्न कराती है.आप की महिला मित्र जल्दी बन जाती है और फिर परेशानी उत्पन्न कर सकती है.
धन भाव में उच्च का शनि बहुत मेहनत के बाद धन देता है.जिसे आप सम्पति निर्माण और इन्वेस्टमेंट से आपको प्राप्त होगा .आपको आयु के साथ धन संचय का योग है.आपके भाग्य भाव और लाभ भाव पर वृद्धि कारक गुरु की उर्जा रेखाएं आपके बुद्धिमता पूर्ण निर्णयों से धन प्राप्ति कराएगी.पर लाटरी जुए या खजाने से और अचानक धन प्राप्ति की उम्मीद न करें.आपका धन अचानक खर्च हो सकता है आ नहीं सकता.
२००७ तक का समय बेहद संघर्षपूर्ण और व्यथित करने वाला था.पर अब आपका अपना समय है.
२००७ से पहले शादी की सम्भावना कम थी पर उसके बाद शादी का योग है.
अध्यन अध्यापन का शौक रहेगा और यह लाभकारक भी होगा.
कुटुंब का आपके प्रति दृष्टिकोण ईर्ष्या भरा ज्यादा रहेगा.नकारात्मक रहेगा और चोट पहुँचाने वाला रहेगा.
आपकी विलक्षणता लोगों के लिए अपच साबित होगी.समाज और कुटुंब से कोई उम्मीद न पालें.
आपने अपने बचपन से आज तक संघर्ष किया है उसके सुखद फल आपकी आने वाली जिन्दगी में बहुत मिलेंगे.आप बहुत सरल ह्रदय और भावुक है.लोगों के आपके प्रति बदलते थोड़े से भी व्यवहार को आप पहचान लेते है.पर आपका आत्म विशवास आपकी सबसे बड़ी पूँजी साबित होगी.
आपकी कुंडली में कई संभावनाएं है.आपकी प्रथम संतान बालिका होने की सम्भावना है.आपकी पत्नी का प्रभाव क्षेत्र कही आपसे अधिक होने की सम्भावना है.आपकी पत्नी से आपको भाग्य और सम्पत्ति दोनों प्राप्त होंगे.पत्नी के नाम व्यवसाय अथवा पत्नी के राज योग से आपको प्रबल लाभ होने की सम्भावना है.आप बुद्धिमान व्यक्ति है और तर्क बुद्धि के प्रबल प्रभाव से आपके मन में स्थापित मान्यता को बदलने की संभावना नहीं रह जाती है.आप जैसे है वैसे ठीक है.
इसतरह से आपकी बनी कुंडली से उपरोक्त बाते निकल कर आती है.
मुझे कम्प्यूटर पर किसी कुंडली को दर्शाना नहीं आता है.वर्ना आपकी कुंडली का चित्र प्रस्तुत करता.

3 टिप्‍पणियां:

  1. चलिये, कभी हमारी कुंडली भी बांच देना भाई..

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  2. सच ! अभी पुरुष में इतनी ताकत नहीं, जो मेरा सामना करे, किसमें है औकात ? http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/05/blog-post_31.html मुझे याद किया सर।

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